अब रुकेगा किसान आंदोलन?

कानून होल्ड, क्या अब रुकेगा किसान आंदोलन #ATVideo #FarmersProtest #FarmLaws

           

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भारतीय सेना, China की सेना से ताकतवर होने के बावजूद चीन की क्या हिकमत जो भारत को आक्रामक तेवर दिखाये? लेकिन उदार हिंदुओं सहित शासकों की माफ करने की नीति के आगे सेना भी क्या करे? शासक गलत होने पर सदियों से जनता ने भी उदार रूख अपनाये रखा था। दूसरी बात चीन को मालूम है कि भारत में विभिन्न गद्दारों की भरमार है तो चीन में गद्दार का नामोनिशान नहीं। भारत में गद्दार अनेकों सरकारी सुख लेते हैं तो चीन में गद्दार को तत्काल फाँसी पर लटकाया जाता है।

एक तो दुश्मन द्वारा धोखे से युद्ध, तिस पर भारतीय सेना की विजय शुरूआत होते ही, दुश्मन द्वारा सफेद झंडा लहराने का मतलब होता था कि युद्ध नहीं, दुश्मन की इच्छानुसार युद्धाभ्यास था, जिसका दूख नहीं। दुख तो यह है कि धोखे से दुश्मन ने जो हड़प लिया, वह उसका, और विजयी होती भारतीय सेना को रोक दिया। 1972 में भी वही हुआ कि युद्ध विजयी होने पर भारतीय जनमानस को खुशी बर्दाश्त न होने पर जीती जमीन सहित बंगाली महिलाओं के बलात्कारी पंजाबी पाकिस्तानी युद्धबंदियों को लजीज व्यंजन, भले ही मध्यमवर्गीयों पर भारी-भरकम tax लगाया था।

1948 में जीतती भारतीय सेना को नेहरू ने रोककर, OK से पहले P लगा दिया, नकि 10 Km अंदर घुसकर OP से पहले (I) लगाकर POK की बजाय, IOP (India occupied Pak) बनाने से UNO में भारत की बजाए पाकिस्तान जाता। 1962 युद्ध से पहले चीन के PM को सुरक्षा-व्यवस्था का भेद देने के बाद भारतीय सेना को साजौ-सामान आपूर्ति नहीं होने पर चीन ने युद्ध किया, तो सेकुलरियों ने जनता में भारत को कमजोर प्रदर्शित किया।

भारत विभाजन बिना एक बूंद रक्त बहाये होता, लेकिन एक साल लगता। पाक जो चाहे करता, भारत में नातो मारकाट करनी थी, नांहि किसी को पाकिस्तान भेजा जाता। जो खुद जाता उसकी मर्जी। लेकिन व्यवस्था यह बनती कि जितनी आबादी भारत आती, जनसंख्या अनुसार पाक की उतनी ही जमीन पर भारत का अधिकार होता। अगर पाक में किसी को मारा या धर्मांतरण कराया जाता, उसके हिस्से की जमीन भारत को सौंपनी होती।

देश की वर्तमान समस्याओं के लिए एंंटोनिया माईनो, मनमोहन सिंह, लालू, मुलायम, ममता, केजरी, ठाकरे तथा वामपंथियों सहित 70% निक्कमे BJP सांसद जिम्मेदार हैं। इनमें भी भारी अंतर है कि खानदानी असर वालों की तिजोरियां लबालब भरी हैं तो नये-नवेले BJP सांसद भरना चाहते हैं। 70% BJP सांसदों का बुरा हाल इसलिए है, क्योंकि मोदी न खाता है, न खाने दे रहा। ऊपर से देशहितैषी कानून बनाकर बजाय जनता को गूलाम बनने देने के, सांसदों को ही जनता की चिरौरी करनी पड़ती है।

राहुल, ममता, केजरी और सेकुलरियो,
सुधर जाओ खुद ही, वर्ना मेरे जैसे करोड़ों मोदी सरकार समर्थक जवाबी कार्यवाही पर उतरने से छुपने की जगह नहीं मिलेगी। दुनिया के किसी देश में सहारा न मिलने से रोहिंग्यों से भी बुरी हालत हो जायेगी। इसलिए मेरा सुझाव है कि अवैध धन सरकार के हवाले कर चैन से रोटी खायें, वर्ना जैसी कांग्रेसियों ने मेरी हालत बनाई है, मैं तो सैनिक पृष्ठभूमि होने से आदतानुसार कैसे भी निर्वाह कर लेता हूँ, गरीबों के खून-पसीने की गाढ़ी-कमाई जरिए AC में बैठने वाले एक घंटा बर्दाश्त नहीं कर पायेंगे।

UPA शासनकाल में आतंकग्रस्त क्षेत्र में तैनात सैनिक (मेरे) के मकान का ताला तोड़कर बेघर बनाया गया, जिसकी आज तक कोई कार्यवाही नहीं। सेवानिवृती से पूर्व बचा-खुचा लूटने नीतीश कुमार का गुर्गा आ धमका। नीतीश को सबक सिखाने की मेरी योजना में औवेसी ने टाँग अड़़ा दी, वर्ना JDU प्रत्याशियों की जमानत जब्त होती, चिराग पासवान 1977 में अपने पिता रामविलास पासवान की तरह उभर कर सामने आता।


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