जानिये प्रधानमंत्री मोदी के पश्चिम बंगाल और असम दौरे में क्या होगा खास।

पश्चिम बंगाल और असम के दौर पर प्रधानमंत्री मोदी, 5 राज्यों में कोरोना की रफ्तार तेज़ और सुबह की अन्य बड़ी खबरें श्वेता झा के साथ। #ATFBLive Shweta Jha Anchor/AajTak

           

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*मैं एक बात नहीं समझ पा रहा हूं कि पहले की सरकार में 1962 , 1965 , 1971 की भीषण लड़ाई भी हुई,*
*पोलियो, प्ले, हैजा, टीबी जैसी महामारी भी हुई ।*
*जिनका मुफ्त में इलाज हुआ*,
*मुफ्त में पूरा देश का टीकाकरण हुआ*,
*खरबो का घोटाला भी हुआ*, *काला धन विदेशों में भेजा गया*,
*भ्रष्टाचार खूब व्याप्त रहा*,
*फिर भी बहुत सारे सरकारी कारखाने कंपनियां लगी*,
*सरकारी अस्पताल, सरकारी कॉलेज, सरकारी स्कूल बनें, सरकारी नौकरियों में कोई कमी नहीं रही* ।
*लोगों को नौकरियां दी गई* ।
*जो व्यक्ति इंटर मैट्रिक पास कर जाता था उसे घर से बुलाकर नौकरियां दी गई, तनख्वाह में कोई कमी नहीं रही* ।
*!भत्ता हमेशा लगातार बढ़ता था महंगाई भत्ता 131% तक दिया,*
*सबसे अधिक वेतन वृद्धि छठे वेतनमान में मिली,*
*सरकारी कर्मचारियों को पेंशन दिया जाता था,*
*देश की जीडीपी 8% से ऊपर थी.*
*आखिर यह सब गद्दार चोरों की सरकार कैसे कर लेती थी* ।
*जो दिव्य महापुरुष की सरकार नहीं कर पा रही है.*
*जबकि विदेशों से काला धन वापस आ गया,*
*नोटबंदी से देश का काला धन वापस आ गया,*
*चोरों की सरकार की बनाई गई सरकारी देश किं संपत्ति रेल , कम्पनियां , सरकारी अस्पताल , हवाई अड्डे LIC , बी एस एन एल , कृषि एवं शिक्षा को निजीकरण व अन्य विभागों को भी बेचा जा रहा है,*
*तब भी दिव्य पुरुष की "सरकार" नौकरियां, वेतन भत्ते, पेंशन नहीं दे कर ! किसान, मजदूर और आम नागरिक को टेंशन ही दे रही है*।
*सभी की नौकरियां चली गयी, सभी NGO से पैसा प्रधानमंत्री रिलीफ़ फ़ंड में ले जमा करवा लिया*,
*कोई युद्ध भी नहीं हुआ , जीडीपी माइनस मे चल रही है* ।
*और डीजल पेट्रोल पर सब्सिडी की जगह सरकार टैक्स बढ़ा कर 40 रुपये और कमा रही है ,*
*इन्श्योरेंस और म्यूच्यूअल फण्ड पर भी 18% टैक्स से कमा रही है ,*
*और फिर भी सारी जेब खाली,*
*देश का रिज़र्व बैंक में आपातकालीन जमा में से 175 अरब रुपये निकल कर खर्च कर दिये अगर कोई बोल रहा है, तो उसको खालिस्तानी, पाकिस्तानी या नक्सली व देश द्रोही बोला जा रहा है।*
*मेरे ख्याल से युवाओं को तो कम से कम जाग जाना चाहिये* ।
*जो पढ़े लिखे होने का दम भरते है* ।


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