रविशंकर प्रसाद बोले- देश पहले ही आजाद है, फिर आजादी के नारे क्यों

रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'आजकल हमें कुछ जगहों पर आजादी-आजादी के नारे सुनने को मिलते हैं. मैं पूछता हूं कि किस चीज से आजादी की बात की जा रही है'

           

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#नागरिक_सत्याग्रह_पद_यात्रा...!
गाजीपुर जिला जेल में निरुद्ध सत्याग्रहयीयों की जमानत अर्जी देने के बाद उप जिलाधिकारी मजिस्ट्रेट सदर ने धारा-111 दंड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत 250000 का व्यक्तिगत बन्धनामा तथा इतनी ही धनराशी की प्रतिभूतियाँ (राजपत्रित) दाखिल करने की नोटिस जारी कर दी ।।
सरकार और उसके दबाव में आये प्रशासनिक अधिकारियों की दमनात्मक नीति उभर कर सामने आ गयी आज के समय में कोई भी आम नागरिक गांधी के रास्ते पर चलकर सत्याग्रह भी नही कर सकता ।।
उपजिलाधिकारी और सरकार के इशारे पर चलाये जा रहे अनैतिक रिवाजों के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के सिवाय कोई चारा नही बचा है अब तो न्यायपालिका पर भी संकट के बादल मंडरा रहे है सरकार लगातार लोकतंत्र के सारे दरवाजे निरुद्द करती जा रही है पहले विधायिका फिर कार्यपालिका और अब न्यायपालिका बाकि तो सत्यानाश कर ही दिया है पत्रकारिता का ।।
107/16 और 151 जैसी धाराओं में आम नागरिको को तत्काल जेल भेज देना जिसमें महिला पत्रकार को भी न बक्शना और तो और उसकी जमानत अर्जी देने पर उपरोक्त नोटिस जारी कर देना इनकी तुच्क्ष और संकीर्ण सोच को उजा़गर करता है ।।
लडा़ई तो बहुत लम्बी है कितने स्वतंत्रता के दिवानों की बली चढाकर यह आजादी और लोकतंत्र मिला है इसे ऐसे ही भरे बाजार इसकी आबरू उतरते देख नौजवानों का खून न खौला तो खून नही ये पानी है हम शपथ लेते है आज इस लडा़ई को जारी रखेगे और सरकार से लगातार लडे़गे ।।
दम़ है तेरे दमन मे कितना,
देख लिया और देखेगे ।।

आखिरी बा़त....!!
हम तो लोकतंत्र मे विश्वास रखते है और आस्था जुडी़ है हमारी इसी से क्या आप भी..?? ग़र हाँ तो आइये हमारे साथ
जय हिंद जय भारत
#NagrikSatyagrah #Ghajipur #UP #Akshay_Yadav_Krantivir
#ravishankarprashad


सम्बिधान अस्पष्ट है असक्षम हैं सुप्रीम कोर्ट और नौकरशाहों और सरकार कोलोनियल विधि केतहत कोई जिम्मेदारी नहीं ।व्यवस्था परिवर्तन नहीं हुआ केवल सत्ता परिवर्तन हुआ है ।अंग्रेजी हुकूमत के अनुसार देशद्रोह है आरोपी हिन्दुस्तान के खिलाफ आन्दोलन और पकिस्तान जिन्दा बाद का नारा लगाता वह देशद्रोही है ।प्रशासन संचालक है करवाई मे सतर्कता नहीं ।जनता के शिकायत पर कार्रवाई कागजों पर है ।सम्बिधान अपडेट हो ।NDA government set up administrative reform commission from ias panel in 1998 and continued by sri manmohan singh and but failed due to corruption prevails in vigilance agencies started from the investigating officers because PC jain commission reported as 1.complaint of people not to be acted upon 2.grievance redress mechanism is only on papers.3.almost all officers working under executive wing are not accessible to the people for which they exist. Modi government failed to introduce mechanism to control immorality scam.scandaland corruption atrocity arising from deficiencies of the constitution. Chief justice sri jagdish singh khehar failed to understand the sovering of Dr.ambedkar sahab grounds for introducing mechanism to overcome problems arising from colonial law filed pilwrit no.224 of2017 refused in the matter of raj balam Sharma advocate,supreme court petitioner in person vs supreme court of india and others political parties guardian of the people commenting sovering observation of Dr.ambedkar sahab as frivolous and imposed rupee's one lakh costs upon petitioner threatening people from invoking jurisdiction of apex court for relief by filing writ petition and constitution is implicit.


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