कोरोना लॉकडाउन: राजस्थान से बिहार के लिए पैदल निकल गए ये मजदूर - trending clicks AajTak

लॉकडाउन होने की वजह से नहीं मिली ट्रेन और बस तो राजस्थान से पैदल ही बिहार के लिए निकल गए 14 मजदूर, तीन दिन में पहुंच गए यहां..

           

https://www.facebook.com/aajtak/posts/10159586181492580

दोगला है पुलिस वाले। किसी को दावा सब्जी और दूध जैसी समान भी नही लेने दे रहे हैं ।। कितना भी कह लो दो चार डंडे तो मर ही देते है अगर आप के साथ पुलिस करे तो आप को बहुत गुसा आयेगा उस वक्त आप क्या करेंगे । ।। सही कूट रहे है ।। सत्य हैपुलिस का काम सराहनीय है,मै इसकी प्रशंसा करता हूं,
लेकिन इस वीडियो में मैंने एक चीज़ notice की, पुलिस लाठी सिर्फ़ गरीब या कमज़ोर को चार्ज कर रही, शायद वो घर के राशन के इंतज़ाम में निकले हों,
वो 2 बुलेट bike वाले जो किसी बड़े घर के दिख रहे,जिनके घर राशन कि कमी नहीं होगी,उनसे प्रेम से बात कर रही। कानून सब के लिए बराबर है,
कुटाई सब की बराबर हो।


ये लोग एक दिन के लिए जयपुर नही आये होंगे ये वही रहते है और अब इन्हें घर भागने की पड़ी है। सरकार सभी मज़दूरों के लिए ज़रूरी इंतेज़ाम भी कर रही है। इन्हें सिर्फ कहा जा रहा है कि आप घर पर रहे।UP में तो माननीय योगी जी ने सभी मजदूरों और दैनिक दिहाड़ी पर काम करने वाले लोगों के खातों में पैसा ट्रांसफर करने की व्यवस्था भी कर ली है। दिल्ली में केजरीवाल 3 महीने का अग्रिम राशन उपलब्ध करवा रहे है।केंद्र और राज्य दोनों मिलकर लोगों के कल्याण के लिए काम कर रहे है। फिर भी इन्हें टिक कर रहने में दिक्कत क्यों है


जाके राखो साइयां मार सके न कोई मजदूर लोग हैं जो अपने दो वक्त की रोटी के लिए राजस्थान पंजाब हरियाणा दिल्ली महाराष्ट्र बंगाल जैसे शहरों में जाकर अपना नहीं अपने परिवार को भी भोजन और आवश्यक वस्तु के लिए कुछ पैसे कमाने जाते हैं और इस स्थिति में उनके पास ना तो कुछ खाने के लिए है ना तो उनके पास कुछ साधन है घर तक पहुंचने के लिए तो क्या करें उन लोग पैदल ही सही अपने घर तो पहुंच पाएंगे जरा आप लोग सोचिए इन गरीब लोगों के लिए जय हिंद जय भारत जय बिहार भारत माता की जय



यही इनका भविष्य तय किया है सरकार ने

कोई साधन भी मुहैया नहीं घर पहुंचने के लिए हां शब्दों में घोषणा की है सरकार ने कि सभी को उनके घर तक पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी है।

यह भी घोषणा की है सरकार ने कि कोई भूखा नहीं रहेगा उनकी सरकार में । अब यह अलग बात है कि ये रजिस्टर ही नहीं किए गए गरीबी में

हां वो अलग बात है कि सरकार ने यह भी घोषणा की है कि मकान मालिक किराया न लें दो महीने का मजदूर से ।अब वो अलग बात है सरकार खुद किराया नहीं वहन कर सकती मजदूर का ।


जब वो लोग वहां रह कर मजदूरी कर रहे है तो इस भयानक त्रासदी के दौरान वो क्यों अपने गांव की तरफ भाग रहे है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि जो जहां है वहीं पर रहे इधर उधर न जाये।सड़कों पर न निकले।फिर ये लोग यात्रा क्यों कर रहे है।क्या इन्हें कुछ ज़्यादा ही अपने घर की याद सता रही है।अगर ये महामारी न फैली होती तो क्या तब भी ये लोग अपने गाँव जाते?
इन्हें लग रहा है फिलहाल छुटियाँ है तो घर चलते है।
पर इन्हें ये क्यों नही समझ आता कि ये कोई छुटियाँ नही है। ये बीमारी एक इंसान से दूसरे में न फैले इसके लिए घर से बाहर निकलने पर रोक है।सभी के भले के लिए ऐसा किया गया है। पर ये लोग तो मानना ही नही चाहते। बावजूद lockdown के ये बाहर निकल रहे है और सिर्फ अपनी ही नही दूसरों की जान से भी खिलवाड़ कर रहे है।
जब ये सरकार और देश के लिए नही सोचते तो सरकार या प्रशासन इनके बारे में क्यों सोचे।बल्कि प्रशासन को इन् पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए
प्रधानमंत्री खुद साफ साफ हिंदी भाषा मे समझा रहे है कि इस भयंकर महामारी के परिणाम बहुत खतरनाक होंगे इसीलिए इससे बचने के लिए घरो से बाहर निकलना बंद करना होगा। सरकार देश के लिए ये सब कर रही है और यहां लोग इसे मज़ाक समझ रहे है।


साजिश तो नहीं ? वुहान से निकला वायरस पूरी दुनिया में पहुँच गया पर बीजिंग,शंघाई नहीं पहुंचा !!

दुनिया में बड़े बड़े लोगो को कोरोना हो चूका है, हॉलीवुड स्टार,ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्री,ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री,स्पेन के प्रधानमत्री की पत्नी और अब तो ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स को भी कोरोना हो चूका है, पर चीन में एक भी नेता,एक भी मिलिट्री कमांडर को कोरोना ने टच भी नहीं किया है !!

कोरोना वायरस ने दुनिया भर में इकॉनमी को बर्बाद कर दिया है, हजारों की जान जा चुकी है, लाखों को ये बीमारी हो चुकी है और अनगिनत लोग घरों में बंद कर दिए गए है, कई देशों में लॉक डाउन हो चूका है जिसमे भारत भी एक है !!

कोरोना वायरस चीन के वुहान शहर से निकला है, और अब ये दुनिया के कोने कोने में पहुँच चूका है, पर ये वायरस वुहान के ही पास चीन की राजधानी बीजिंग और आर्थिक राजधानी शंघाई तक नहीं पहुंचा !!

आज पेरिस बंद है, न्यू यॉर्क बंद है, बर्लिन बंद है, रोम बंद है, दिल्ली बंद है, मुंबई बंद है, टोक्यो बंद है, दुनिया के प्रमुख आर्थिक और राजनतिक केंद्र बंद है पर बीजिंग और शंघाई खुले हुए है, वहां कोरोना ने कोई असर ही नहीं दिखाया, गिने चुने केस सामने आये पर एक तरह से बीजिंग और शंघाई पर कोरोना का कोई असर ही नहीं हुआ !!
बीजिंग वो शहर है जहाँ चीन के सभी नेता रहते है, यहाँ मिलिट्री लीडर रहते है, चीन की सत्ता को चलाने वाले यहाँ रहते है, बीजिंग में कोई लॉक डाउन नहीं है ये खुला हुआ है यहाँ कोरोना का कोई असर नहीं !!

शंघाई वो शहर है जो चीन की इकॉनमी को चलाता है, ये चीन की आर्थिक राजधानी है, यहाँ चीन के सभी अमीर लोग रहते है, इंडस्ट्री को चलाने वाले रहते है, यहाँ भी कोई लॉक डाउन नहीं, यहाँ कोरोना का कोई असर नहीं !!

क्या कोरोना एक पाला हुआ वायरस है जिसे बता दिया गया है की तुम्हे दुनिया भर में आतंक मचाना है पर तुम बीजिंग और शंघाई नहीं आओगे, चीन से ये सवाल पूछा जाना बहुत जरुरी है की जब दुनिया के बड़े बड़े विकसित देश कोरोना को नहीं रोक सके, दुनिया के बड़े बड़े शहरों में कोरोना ने आतंक मचा दिया तो ये विरुस्व बीजिंग क्यों नहीं पहुंचा, शंघाई क्यों नहीं पहुंचा !!

बीजिंग और शंघाई वुहान से लगे हुए इलाके ही है, वुहान से निकला वायरस दुनिया के कोने कोने में पहुँच गया पर ये वायरस और शंघाई नहीं पहुंचा !! यहाँ तक कि चीन के मित्र राष्ट्र रूस में सिर्फ 267 मामले सामने आए हैं एवं दक्षिण कोरिया ने तो बिना लॉकडाउन के बिना ही कोरोनावायरस पर काबू पा लिया है यह दोनों ही चीन के अभिन्न मित्र राष्ट्र है एवं चीन की सीमा से लगे हुए हैं !!

आज पूरा भारत और 130 करोड़ भारतीय भले लॉक डाउन हो चुके है, हमारी इकॉनमी ठप्प हो रही है पर चीन के सभी प्रमुख शहर खुले हुए है और तो और कब 8 अप्रैल से चीन वुहान को भी खोल रहा है, पूरी दुनिया आतंक से त्रस्त हो चुकी है पर चीन में अब नए केस भी सामने नहीं आ रहे है और चीन खुला हुआ है !!

एक और बड़ी चीज ये की दुनिया भर के शेयर मार्किट लगभग आधा गिर चुके है, भारत में भी निफ्टी 12 हज़ार से 7 हज़ार तक पहुँच गया है, पर चीन का शेयर मार्किट 3 हज़ार पे था जो 2700 पर ही है, चीन के मार्किट पर भी इस वायरस का कोई असर नहीं !! एक विश्वसनीय रिपोर्ट के अनुसार चीन हांगकांग के स्टॉक एक्सचेंज में विश्व की विभिन्न बड़ी कंपनियों के शेयर खरीद कर मुनाफा कमाने में लगा है और कंपनियों पर कब्जा करने में लगा है !!

ये जो भी चीजें है वो सिर्फ एक बात की ओर इशारा करती है की कोरोना चीन का बायो केमिकल हथियार है, जिसे चीन ने दुनिया भर में तबाही के लिए बनाकर छोड़ दिया है, अपने यहाँ कुछ लोगो को मरवा कर चीन ने अब इस वायरस पर कण्ट्रोल कर लिया है, कदाचित उसके पास दवाई भी है जो वो दुनिया से शेयर नहीं कर रहा है !!


After all, at least recognise the eco system, why should always qwestions to govt, as we no there r 30 cr and above are bpl or daily wages person, most of them r migrated to metro cities for their livelihood nd for better standard of living, kindly think. 1 we will support the govt if owner will not take rent from them, if corporates , middle scale industries, small scale industries with help of govt subsides will pay advance sallary for atleast 3 month.. then what we doing , we storing nd hording the things nd complain to the govt... This is all our ind mentality.... This is the eco problem nd we are all responsible , nd we should take responsibility as per power nd capicity to support the decision of the govt..


Please consider situations of shopkeepers,those are dealing in other items like kitchen utensils, clothes and shoes etc.. We are in trouble, how we pay our credit cards and EMI payments. Government should have to take step and media has to raise questions for small businessmen.
please ask Banks and financial sectors to postpone the Credit card payments and EMI deductions for atleast two months.

what about those plenty of families, who are living in rented homes.
Government needs to implement some rules and regulations regarding these issues. Then we all can evade serious consequences of lockdown situation.
Jai hind!


Hello. Everyone.

My point is that if this could have been done in little bit differently. Then this panic situation could be avoided especially for Poor people.

If Modi ji anounces on that day for complete lockdown till 31st and also hints the public that it could be extended as per sitution.Then again comes on TV on 30th for another lockdown till 07 th and then it can be extended till 14th or so on.

By this way the panic will be less and people who are now moving to their hometown will be less in numbers.

Hope some will be agreed.

Hope this time will be passed with some lessons.

We pray for all poor people and hope they will survive from this difficult times


10ºFor
Should presidential rules in India.
Yes or not, why ?
1. Religion works of dishonest, hypocrite people and their illegal bad children are not fruitful in life and for eternity and harmful.
2. Plans, programs, works of dishonest, hypocrite people and their illegal bad children are not fruitful in life and for eternity and harmful.
3. Play of dishonest people are drama by with illegally money.
4. In India
Leaders, workers and supporters of Political parties and leaders, disciples, devotees, supporters of religion mission are dishonest, hypocrite, lairs, cheaters and billions crore illegal money printers, illegal earners, taken my billions crore religious, political money, hundreds crore lotteries money and billions crore etc money by with taken illegally and anonymously and bad characters, illegal sexual activities, given to illegal bad children and harmed general people and supporters of dishonest, hypocrite people.
Yes or not, why ?
I will not do any supports and I shall not joint with them in future and till now did not need, shall not be need in future in religion and political etc fields.
I am not and was not disciples, devotee, not support, not worker etc of Anada Marg (clans of sarkar, roychoudhuri, Roy, sent, banarji clans) Ramakrishna mission, Barat Sebashram Songha etc missions, cheat funds groups, terrorist groups and any political parties.
Because Till now I did not find out among my enemies and among them any true speakers, virgin, chaste, real legal earners, good characters, not illegal sexual activities, given to born honest children become honest and chaste, not cheater aged from 7 to 75 years and will get heaven and can give to anyone.
Have not any contribution of improved of country and of the world.
I did not harm anyone and I did not get any help from them, many of them prevented, harmed me former my childhood.
Till now I did not get any money from anyone from my childhood.
Yes or not, why ?


+