तब्लीगी जमात पर हमलावर केजरीवाल अभिमन्यु जैसे घिर गए

केजरीवाल का निजामुद्दीन मरकज के खिलाफ फैसला उन पर अब उलटा पड़ रहा है। (iChowk से)

           

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निज़ामुद्दीन मरकज़ से press रिलीज़ के ख़ास बिंदु
1. 3-5 दिन का प्रोग्राम एक साल पहले से तय था
2. 21 मार्च को रेलवे बंद कर दिया गया
3. 22 मार्च को जनता curfew का एलान होते ही सारे प्रोग्राम रद्द कर दिया गया
4. रेलवे बंद होने के वजह से कोई जा नहीं सके
5. 23 मार्च से लाक़ डावुन शुरू हो गया ,लोग फँस गए
6. 24 मार्च को SHO ने मरकज़ बंद करने की माँग की
7. मरकज़ ने फ़ँसे लोगों को मंज़िल तक छोड़ने के लिए गाड़ी नम्बर और driver की list दी जिसे प्रशासन ने अनुमति माँगी नहीं मिला
8. 25 मार्च को मेडिकल टीम ने लोगों की जाँच की
9. 26 मार्च एसडीएम ने मरकज़ का दौरा किया इस दौरान फिर गाड़ी से इन लोगों को छोड़ने की अनुमति माँगी नहीं मिला
11. 27 मार्च 6 लोगों को चेक़अप के लिए गया
11.28 मार्च 33 आदमी को राजीव गाँधी अस्पताल में चेकअप के लिए ले जाया गया
12. 29 मार्च को फिर से प्रशासन को मरकज़ के तरफ़ से details दिया गया
13. 30 मार्च को अफ़वाह फैलानी शुरू हुई

पुरा पढ़ने के बाद सोचिए
ज़िम्मेदार कौन ????
सोचिए और क़मिनोलोज़ी समझिए
प्रशासन के तरफ़ से षड्यंत्र की बू आ रही है