बसों और डीजल के बिल पर सियासत! आमने-सामने योगी-गहलोत

राजस्थान के परिवहन मंत्री ने बताया, क्या है सारा मामला?

           

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10 वर्षीय मूक (गुँगा) बच्चे को घर में अकेला देख, चोर जब बच्चे के हाथ-पैर बांध, थैले में सामान भरने लगा तो बच्चा मां-बाप को पुकारने के लिए म.. म.. पा.. पा .. इत्यादि बोलनेका प्रयत्न करते-करते किसी तरह चिल्लाने से चोर पकड़ा गया। मेरा मतलब है कि जब नाक से ऊपर पानी हो जाता है तो महा आलसी के भी हाथ-पांव चलने लगते हैं, वर्ना मुझे दिन-रात मुफ्त में व्याख्यान लिखने की क्या जरूरत कि, एक है UPA सर्वोसर्वा एंंटोनिया माईनो तो दूसरी ओर सपा संस्थापक मुलायम। वह बात अलग है कि मूक बच्चे द्वारा बोलने से चोर को कुछ रियायत दे दी।

जो काम मुझे करना पड़ रहा है, वह लोकसभा और राज्यसभा में मेहनती हिंदुओं के खून-पसीने की गाढ़ी-कमाई से सुख भोगने वाले 800 सांसदों का है कि, 25 लाख पूर्व सैनिकों में किसी एक का बेघर होना वैसे ही खतरनाक हो सकता है, जैसे एक वोट से वाजपेई सरकार गिरी थी तो एक MLA कम होने पर पार्टी की सरकार की बजाय कोई निर्दलीय मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज होकर सारे MLA's को वैसे ही घनचक्कर करवाता रहे, जैसे झारखंड में निर्दलीय मधू कौड़ा मुख्यमंत्री बना था।

मेरे बेघर के दंश की पीड़ा की आवाज संसद में BJP सांसद पार्टी व्हीप के कारण नहीं उठा सकते तो मकान का ताला UPA शासनकाल के काले दौर में कांग्रेस-सपाई गुंडों द्वारा तोडऩे से UPA घटक सांसद नहीं उठा सकते। जब सांसदों का काम मुझे करना होगा तो मेरा सांसद बनना अति आवश्यक है। मेरी इच्छानुसार मध्यप्रदेश विधानसभा उपचुनाव के चुनावी नतीजे आने से सरकार बनाने के लिए 2-3 विधायकों की जरूरत होने पर मेरे शुभचिंतक विधायक तभी समर्थन दें, जब पहले मुझे मकान का हर्जाना मिले, तब समस्त भारतवासियों को जानकारी होगी कि निरंतर आवाज बुलंद करने से ही मेहनती हिंदू की सुनी जाती है।

देश में एक तरफ 2 करोड़ बेघर हैं तो दूसरी ओर मेरे जैसों के मकान-सामान इत्यादि लूटकर 2 करोड़ मकान खाली पड़े हैं। लूटेरे किराएदार ढ़ूंढते रहते हैं, जैसे ही कोई मिला, पहले से रहने वाले में कमी निकालना शुरू कर किराया बढ़ाना, खुशामद सहित मुफ्त की चाय पीना शुरू करते हैं। जब राहुल-माईनो नेपथ्य में ही रहते हैं तो पार्टी अध्यक्ष पद छोड़ें। 130 करोड़ भारतीयों की भावना का मजाक उड़ाने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री मौनीबाबा को बना दिया राज्यसभा सांसद, कि Corona संकट की घड़ी में खुदही अस्पताल में आना-जाना लगाये रखना, राजस्थान की जनता से कुछ लेना-देना नहीं। सांसद जनहित के लिए होता है या खुद की 2000 रूपये वार्षिक पेंशन बढ़वाने के लिए? कितनी पेंशन चाहिए मौनीबाबा को?

मौनव्रत रखने के ऐसे सुख भारत में ही लागू है, घर में हो रही चोरी रोकने के लिए गूँगे बच्चे तक बोलने लगते हैं। जिसका कोई अस्तित्व ही नहीं, वह तो जनता को भड़काने के लिए झूठ बोलकर दिग्भ्रमित कर रही है कि 1000 बसें मिलेंगी, जो राज्यसभा सांसद बनकर मुफ्त के सुख भोग रहा है, वह मौनव्रत धारण किये है। इटली में मौत का तांडव देख माईनो की जबान पर ताला जड़ा है।

माईनो पर विश्वास कर जनता ने 2004 और 09 में कांग्रेस को वोट दिया। अच्छा करने की बजाय मौनीबाबा के कंधों पर बंदूक रख निशाना साधा। योगीजी को उल्टा-सीधा बोलने केे लिए श्रीमती भूमाफिया को प्रेरित किया। अगर राहुल की जबान थक गई और माईनो बीमारी के कारण चल-फिर नहीं सकती तो ऐसों की लोकसभा में जरूरत भी नहीं। देश लोकतांत्रिक है, राजशाही नहीं कि राजीव गांधी की तरह जो मन में आया कुछ भी लोकसभा में बोल दिया। देश को लोकतांत्रिक- धर्मनिरपेक्ष नेहरू ने बनाया था, उसी अनुसार चलने में माईनो को दिक्कत हो रही है, क्योंकि विपक्ष में बैठना पड़ेगा, ये नहीं सोचा था।

जिस देश का पूर्व सैनिक बेघर हो,
उस देश में सांसदों की जरूरत नहीं !


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