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हम हमारी फ़सल कहि भी विक्रय कर सकते है , मंडी के बाहर भी निजी मंडिया स्थापित हो सकती है स्वभाविक है क्रेता बढ़ेंगे क्रेता बढ़ेंगे तो प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी उचित दाम मिलेंगे , सीधे कंपनी अपना कच्चा माल किसान से खरीद सकती है या किसान सीधे कंपनी को अपनी फसल विक्रय कर सकते है बिचौलियों को जो पैसा जाता था वह पैसा किसानी फसलों को मिलेगा फायदा दाम मिलेंगे सरकार सीधे किसान से खरीदी करेगी वैसे केवल पंजाब में ही किसान सरकार को फ़सल नही बेचते बाकी जगह सरकार सीधे किसान से ही खरीदी करती है और सीधे किसान के बैंक खातों में पैसा जाता है पंजाब में आढ़तियों का खेल है और आंदोलन का कारण भी वही है

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