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मैन व्रत लिया था काजू की रोटी और मशरुम खाने का में आजतक नही भुला, मैंने व्रत लिया है दिन में 5 बार कपड़े बदलने का मैं नही भुला, मैन व्रत लिया है भ्रष्टाचार का मैं नही भूल, मैंने व्रत लिया है सदैव झूठ मक्कारी का मैं नही भूल, मैंने व्रत लिया है जनता का खून चूसने का में खूब चूस रहा हूँ, अगर भुला हूँ तो देश के गरीब, मज़दूर किसान और मध्यम वर्ग को जो त्राहि त्राहि कर रहे हैं, कमर तोड़ महंगाई से, आसमान को छूती आम खान पान की वस्तुओं से । फिर भी शर्म नही आती कभी 2 करोड़ कभी 80 करोड़ कभी 60 लाख अब बाकी समय मे 10 लाख को रोजगार देने की बकवास करते हुए ।

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पैसो के अभाव में भाई की लाश को गोद में रख कर पिता का इंतज़ार करता रहा मासूम

मूरेना में 8 साल का मासूम अपने दो साल के भाई की लाश को गोद में रख कर सड़क किनारे पिता की इंतज़ार करता रहा । सफ़ेद कपड़े से ढकी लाश पर मखियां मँडराती रही । वास्तव में पिता को बच्चे की लाश ले जाने के लिए देड़ हज़ार रुपए चाहिए थे और कम पैसो में एंबुलेन्स नहीं मिली । पूजाराम ( पिता) ने प्राइवेट और सरकारी एम्बुलेंस की मदद माँगी परंतु उसे कही भी कोई मदद नहीं मिली ।फिर कई घंटो बाद सूचना मिलने पर पुलिस ने बच्चे की गोद से शव को उठा कर करवाई की ।


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